बचपन में हम सबने गीत-संगीत की शुरुआत विविध भारती से ही की रही होगी। महानगर में आकर आज एफएम की हड़बोंग में सुबह छह बजेसे रात ग्यारह बजे तक चलने वाला जादू कहीं खो गया है। लेकिन बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि समय और तकनीक के साथ हमारे विविध भारती ने भी अपने स्वरूप में बदलाव किए हैं और आज उसे सुनने के लिए किसी रेडियो की ज़रूरत नहीं रह गई है। विविध भारती अब ऑनलाइन उपलबध है। बस करना ये है कि नीचे दिए लिंक पर चले जाएं...
http://vividhbharti.org/listen-on-line/
जो पेज खुलेगा, उस पर छोटे फॉन्ट में लिखा होगा...
Vividh Bharati-देश की सुरीली धड़कन-Live
इस पर क्लिक करें और पुराने दिनों में बेधड़क लौट जाएं...
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